गुर्जर आरक्षण आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। सरकार और गुर्जरों के बीच आज शाम हुई शांति वार्ता बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई। सरकार की ओर से मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और आईएएस नीरज के पवन ने गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से बातचीत की, और आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया। साथ ही उन्हें जयपुर आकर बातचीत करने का न्यौता दिया। इस पर कर्नल ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी तरह की बातचीत नहीं करना चाहते हैं। सरकार पांच प्रतिशत आरक्षण लेकर यहीं ट्रैक पर ही आ जाएं। गुर्जरों की ओर से सरकार को दो टूक कह दिया कि बात अब ‘ऑन द ट्रैक’ होगी। हमें कहीं नहीं जाना।

गुर्जरों का आंदोलन आज माने 9 फरवरी तक खत्म नहीं हुआ है, कब खत्म होगा इस पर भी सहमति नहीं बन पाई है। मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने प्रेम, परिवार और रिश्तों के नाम पर भी कर्नल को समझाने की कोशिश की, और कहा मेरे और कर्नल साहब के पारिवारिक रिश्ते हैं, मैं सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं बल्कि, परिवार के सदस्य के तौर पर बातचीत करने आया हूं। जो आप चाहते हैं वो आपको मिलेगा, आज रात को और कर लूंगा मुख्यमंत्री से बात, लेकिन बातचीत के लिए उचित स्थान पर शांति से बैठना जरूरी है। कर्नल बैंसला ने कहा कि विश्वेन्द्र सिंह जी आप हमारे बीच आए इससे हमें खुशी है, विश्वेन्द्र सिंह जी हमारे लाडले जवाईं हैं, और मुझे आप पर विश्वास है, लेकिन गुर्जरों को 14 साल बाद भी न्याय नहीं मिला है। इसलिए हम कहीं नहीं जाएंगे।

सूत्रों की माने तो सरकारी प्रतिनिधियों को गुर्जरों के आंदोलन रूपी रोष को शांत कर ठंडें छीटें मारने का काम गहलोत सरकार ने किया है। जबकि, राज्य सरकार आरक्षण की गेंद को केन्द्र के पाले में डालकर अपना बचाव पक्ष पहले ही लेकर चल रही है। ऐसे में गुर्जरों का आंदोलन आगामी कुछ दिनों तक लगातार चलने की पूरी उम्मीद है।

Read more: फलौदी सट्टा बाजार भाव से कांग्रेसी खेमा दुखी, भाजपा इतनी सीटों के साथ बना रही इतिहास!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here