राजस्थान: निर्वासित तिब्बती सांसदों के दल ने किया विधानसभा का अवलोकन

निर्वासित तिब्बती संसद के चार सांसदों ने आज शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा का अवलोकन किया। निर्वासित तिब्बती सांसदों ने विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह से विधानसभा में शिष्टाचार भेंट भी की। विधानसभा उपाध्यक्ष राव ने तिब्बती सांसदों को विधानसभा की संसदीय कार्यप्रणाली एवं प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा के लिए 200 विधायक चुने जाते हैं। राजस्थान विधानसभा में चार वित्तीय समितियों सहित कुल 21 समितियां कार्यरत है। इस अवसर पर तिब्बती सांसदों ने कहा कि भारत ने निर्वासन के बाद दलाई लामा को शरण दी। इसके लिए वे भारत को धन्यवाद देने का संदेश लेकर यहां आए हैं।

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Image: निर्वासित तिब्बती सांसदों के साथ राजस्थान विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह.

तिब्बती सांसदों ने विधानसभा की स्थापत्य कला की प्रशंसा की

तिब्बती सांसदों ने बताया कि तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए 152 लोगों ने आत्मदाह किया तब हमें आजादी से जीने का हक मिल सका। इस अवसर पर निर्वासित तिब्बती संसद के सांसद यूडोन आकाथन, गीशी लोबसांग फेन्देन, येशी डोलमा एवं कूंचूक योगफेल एवं विधानसभा के सचिव दिनेश कुमार जैन सहित भारत तिब्बत सहयोग मंच के सर्वश्री सौरभ सारस्वत एवं कौशल शर्मा उपस्थित थे। निर्वासित तिब्बती संसद के सांसदों ने विधानसभा का अवलोकन किया और इसकी स्थापत्य कला की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

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विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. देवपुरा को श्रद्धांजलि दी

विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने आज यहां विधानसभा में पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री स्व. हीरालाल देवपुरा की जन्मतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व सांसद अश्कअली टांक, पूर्व विधायक नवरंग सिंह, विधानसभा सचिव दिनेश कुमार जैन, स्व. देवपुरा के पुत्र डॉ. गणपत देवपुरा, सत्यनारायण, डॉ. सुनील समदानी एवं परिजनों सहित विधानसभा के अधिकारी और कर्मचारियों ने स्व. देवपुरा के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धा से याद किया।

 

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