राजस्थान चुनाव: अब उम्मीदवारों को प्रकाशित-प्रसारित करवानी होगी आपराधिक मामलों की जानकारी

प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं रह गया है। हाल ही में चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही चुनाव कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार उम्मीदवारों द्वारा भरे जाने वाले फॉर्म संख्या-26 में संशोधन किया है। इसके तहत चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को उनके विरूद्ध यदि कोई अपराधिक मामले दर्ज हैं, तो उसकी जानकारी चुनाव आयोग को देने के साथ ही प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करवाना अनिवार्य होगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को शपथ पत्र के साथ फॉर्म नंबर-26 में अपनी सम्पत्ति, शैक्षणिक योग्यता और यदि कोई आपराधिक मामले या मामला हो तो उसकी जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। बता दें, हाल ही में केन्द्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने इसमें संशोधन किया है।

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Image: भारत निर्वाचन आयोग.

नामांकन के दौरान मोटे अक्षरों में दर्शानी होगी आपराधिक मामलों की जानकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कुमार ने बताया कि उम्मीदवारों को नामांकन के दौरान मोटे अक्षरों में आपराधिक मामलों की जानकारी दर्शानी होगी। साथ ही जिस पार्टी से टिकट ले रहे हैं उसे भी आपराधिक मामलों के बारे में सूचित करना होगा। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों को भी उम्मीदवारों से प्राप्त सूचना को अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से दर्शानी होगी। इसके अलावा प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने के बाद आपराधिक मामलों की जानकारी (यदि कोई हो तो) प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक तौर पर (कम से कम 3 बार) प्रकाशित और प्रसारित करवानी होगी।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने इस निर्णय की पालना के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कोई भी उम्मीदवार पर दोषसिद्ध हो जाए या उसके विरूद्ध कोई भी आपराधिक मामला दर्ज या लंबित हो, तो उसे ऐसे प्रकरणों की जानकारी तीन अलग-अलग तिथियों में नामांकन वापसी और मतदान तिथि से 2 दिन पूर्व 12 साइज के फॉन्ट में अपनी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित करवानी होगी। उन्होंने बताया कि इसी तरह इलेक्ट्रोनिक मीडिया में भी मतदान से 48 घंटे पूर्व तक तीन बार अलग-अलग तिथियों में यह जानकारी प्रसारित करवानी होगी।

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राजनीतिक दलों को चुनाव सम्पन्न होने से 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव सम्पन्न होने से 30 दिनों के भीतर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिसमें इस बात का स्पष्ट उल्लेख हो कि उनके द्वारा निर्देशों की पालना कर दी गई है। साथ ही पार्टी द्वारा समाचार पत्रों की कटिंग्स भी लगा दी गई हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उम्मीदवारों द्वारा प्रकाशित और प्रसारित सूचना को जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनाव खर्च के ब्यौरे के साथ भी प्रस्तुत करना होगा।

 

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