जयपुर। आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर देश में सियासी माहौल बदलने लगा है। सभी पार्टियां अपने-अपने रणबांकुरों का नाम तय कर माहौल अपने पक्ष में बनाने को लेकर कमर कस चुकी है। राजस्थान में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच भाजपा और कांग्रेस भी सभी 25 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार तय कर रही हैं। जिसके तहत सोमवार को कांग्रेस की एक बड़ी मीटिंग भी बुलाई गई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कांग्रेसी नेताओं ने 20 सीटों पर सिंगल प्रत्याशियों की सूची तैयार कर ली है। लेकिन बाकि बची पांच सीटों पर अभी भी कांग्रेस में आम सहमति नहीं बन पा रही है।

पांच सीटों पर फंसा पेच

मीडियाई सूत्रों की मानें तो इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, सह प्रभारी विवेक बंसल सहित कांग्रेस के दिग्गज नेता शामिल हुए। इस दौरान सभी नेताओं ने कई घंटों तक विचार-विमर्श किया, लेकिन फिर 5 सीटों पर सिंगल नामों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। बताया जा रहा है कि जयपुर, अजमेर, जैसलमेर-बाड़मेर, चूरु तथा टोंक-सवाई माधोपुर सीटों पर कांग्रेस को जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश है। वहीं यहां दो-दो नेताओं की दावेदारी भी कांग्रेसी आलाकमान के लिए सिरदर्द बन गई है।

15 मार्च को बुलाई अगली बैठक

सोमवार को हुई बैठक में जब कांग्रेसी नेता इन पांच सीटों पर आम सहमति नहीं बना पाए तो अब अगली मीटिंग 15 मार्च को रखी गई है। यदि शुक्रवार को उम्मीदवारों पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई तो फिर मामला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा जाएगा और वें ही अंतिम फैसला लेंगे। हालांकि सामने यह भी आ रहा है कि पार्टि यहां से अल्पसंख्यक वर्ग को टिकट देने पर विचार कर रही है जिसके कारण फैसले में देरी हो रही है।

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