राजस्थान उपचुनाव का घमासान: अजमेर, अलवर व मांडलगढ़ में प्रत्याशियों ने भरे नामांकन

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राजस्थान उपचुनाव-2018

भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस में राजस्थान उपचुनाव का घमासान शुरू हो चुका है। आज अजमेर व अलवर लोकसभा सहित मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी व कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों ने अपनी नामांकन भरे। साथ ही जनसभा आयोजित कर एक-दूसरे के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। सभी चुनावी सीटों पर निर्दलियों ने भी अपने नामांकन भरे। निर्दलियों की संख्या दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों से अधिक रही है। अजमेर लोकसभा सीट से किसान महासभा व आम आदमी पार्टी की ओर से भी नामांकन भरने की सूचना मिली है। राजस्थान उपचुनाव नामांकन का आज अंतिम दिन था। 15 जनवरी नाम वापसी की आखरी तारीख होगी। 29 जनवरी को वोटिंग और एक फरवरी को चुनाव के परिणाम आने हैं।

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अजमेर से भाजपा की ओर से राम स्वरूप लांबा को उम्मीदवार बनाया गया है। लांबा स्व. अजमेर सांसद सांवरलाल जाट के पुत्र हैं। लांबा की यह राजनीति में पहली पारी है। वर्तमान में लांबा अजमेर में हॉकी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हैं। नामांकन के बाद उनकी एक जनसभा आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया गया जिसमें केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी, भदेल व पार्टी राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव सहित भाजपा के कई नेता उपस्थित थे। अजमेर लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 17 लाख, 97 हजार, 513 है जिनमें से करीब 2.50 लाख जाट वोटर है जिसका फायदा लांबा को मिलना निश्चित है। लांबा के सामने कांग्रेस के डॉ. रघु शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। शर्मा वर्तमान में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और 2008-2013 में केकड़ी अजमेर से विधायक रह चुके हैं। पूर्व में जयपुर व भिनाय लोकसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सीपी जोशी व सचिन पायलेट से बहतरीन तालेमल रखने वाले शर्मा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके लिए किए गए शक्ति प्रदर्शन में अशोक गहलोत, सीपी जोशी, मोहन प्रकाश व सचिन पायलेट ने जनसभा को संबोधित किया।

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दूसरी ओर अलवर लोकसभा सीट पर भाजपा ने डॉ. जसवन्त यादव (55) को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने भी आज चुनावी पर्चा दाखिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मौजूदा सरकार में कैबिनेट श्रम मंत्री बने यादव ने 1996 में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और बीजेपी में शामिल हो गए। 1998 में लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 1998 में मंड़ावर से एमएलए और 2008 व 2013 में बहरोड़ से एमएमए बने। उनके सामने कांग्रेस के प्रत्याशी और पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव हैं। अलवर लोकसभा क्षेत्र में करीब 18 लाख, 18 हजार, 234 मतदाता है। आमने-सामने यादव होने की वजह से यादव समाज के वोटों का बंटना पक्का है। सांसद महंत चांदनाथ के निधन की वजह से यह सीट खाली हुई है।

वहीं विधायक कीर्ति कुमारी के निधन से खाली हुई मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों के लिए भाजपा की ओर से शक्तिसिंह हाड़ा ने अपना नामांकन दर्ज कराया है। उनके सामने कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने अपना नामांकन भरा है। 2013 में धाकड़ कीर्ति कुमारी से हार गए थे। मांडलगढ़ में वोटरों की संख्या 2 लाख 29 हजार है।

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