जानिए, अलवर मॉब लिंचिंग पर वसुंधरा सरकार पर आरोप लगाने वाले गहलोत के दावों की हकीकत

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राजस्थान के अलवर जिले में गो परिवहन से संबंधित मामले में कथित रूप से मॉब लिंचिंग का शिकार हुए रकबर खान की हत्या पर विपक्ष की राजनीति तेज हो गई है। जहां एक तरफ राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना को शर्मनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कड़ी निंदा की है, वहीं कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट मामले को तूल देते हुए सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं। अशोक गहलोत के मुताबिक केंद्र और प्रदेश भाजपा सरकार कथित गोरक्षा के नाम पर हिंसा को रोकने में विफल साबित हो रही है।

आइए जानते हैं कि अलवर गो परिवहन से संबंधित घटना पर अशोक गहलोत के दावों में कितनी सच्चाई है-

दावा- कथित गोरक्षा के नाम पर हिंसा को रोकने में केन्द्र व राज्य सरकार नाकाम साबित हो रही है।

हकीकत- उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अलवर की इस घटना का पता चलते ही गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को निर्देश दिए कि वो जल्द से जल्द मामले की छानबीन कर दोषियों को गिरफ्तार करें। जिसके बाद पुलिस अब तक करीब 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही की जा रही है। वहीं केन्द्र व राज्य सरकार सरकार ऐसी घटनाओं पर रोकथाम की दिशा में प्रभावी कदम उठा रही है और सख्त कानून बनाने की तैयारी कर रही है।

निष्कर्ष- अलवर में गो परिवहन से संबंधित हत्या की घटना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे मामले मानवता को शर्मसार करने वाले व कुछ लोगों की निकृष्ट मानसिकता के परिणाम हैं। लेकिन ऐसी घटना पर भी विपक्ष दल संवेदनहीन होकर राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सरकार मामले की त्वरित व निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रही है। अतः स्पष्ट है कि अशोक गहलोत का दावा पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और 85 प्रतिशत झूठा है।

सच्चाई: 15 % झूठ: 85 %

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