मांडलगढ़ उपचुनाव: बागी पूर्व प्रधान ने मैदान में उतरकर बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें

राजस्थान में इसी माह के अंत में दो लोकसभा एवं एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। प्रदेश में अलवर, अजमेर लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर 29 जनवरी को उपचुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों के​ लिए नामांकन की आखिरी तारीख 10 जनवरी थी। इसी बीच मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर पूर्व प्रधान और कांग्रेस बागी गोपाल मालवीय ने भी निर्दलीय के रूप में पर्चा भर दिया है। जिससे कांग्रेस की चिंता और बढ़ गई है। देश सहित प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पहले ही कमजोर है। ऐसे में कांग्रेस के लिए मुकाबला बि​ल्कुल भी आसान होता नहीं दिख रहा है।

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कांग्रेस के बागी गोपाल मालवीय नामांकन दाखिल करने के लिए समर्थकों के साथ जाते हुए.

पूर्व प्रधान मालवीय के नामांकन करने से कांग्रेस ही हार तय

भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय के चुनावी मैदान में आने से कांग्रेस की हार लगभग तय नज़र आ रही है। पूर्व प्रधान मालवीय ने नामांकन के अंतिम दिन बुधवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। उन्होंने आखिरी दिन न तो किसी बड़े कांग्रेस नेता से बात की न ही कांग्रेस की ओर से उन्हें मनाने का प्रयास किया गया। जिसके बाद अब कांग्रेस मुकाबले में बेहद कमजोर नज़र आ रही है। मालवीय के साथ ही एक और निर्दलीय उम्मीदवार ने भी अंतिम दिन पर्चा भरा। पूर्व प्रधान मालवीय की उम्मीदवारी ने कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ा दी है।

जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर का करीबी है गोपाल मालवीय:

बता दें, पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय को भीलवाड़ा के जहाजपुर से कांग्रेस विधायक धीरज गुर्जर का करीबी माना जाता है। वहीं, मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार विवेक धाकड़ को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सीपी जोशी के करीब माना जाता है, इसलिए उन्हें टिकट दिया गया है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने जातीय आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए विवेक धाकड़ को टिकट दिया है। इससे पहले दिल्ली में हुई बैठक में विधायक धीरज गुर्जर ने कांग्रेस के पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय को टिकट देने की बात रखी थी। लेकिन कांग्रेस ने सीपी जोशी की सिफारिश को तरजीह देते हुए धाकड़ को अपना प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद मालवीय ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है।

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भाजपा ने शक्ति​ सिंह हाड़ा को बनाया है अपना उम्मीदवार: भाजपा विधायक कीर्ति कुमारी की डेंगू से हुई मौत के कारण मांडलगढ़ विधानसभा सीट खाली हो गई थी। अब मांडलगढ़ उपचुनाव में बीजेपी ने भीलवाड़ा जिला प्रमुख शक्ति सिंह हाड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है। भीलवाड़ा जिले के वर्तमान जिला प्रमुख होने से शक्ति सिंह हाड़ा के चुनाव जीतने के चांस भी ज्यादा नज़र आ रहे हैं। उधर, मांडलगढ़ उपचुनाव में कांग्रेस को अपना बागी उम्मीदवार मैदान में उतरने से बड़ा नुकसान होना तय माना जा रहा है।

 

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