गुर्जर आरक्षण आंदोलन के पांचवें दिन भी पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग का मसला सुलझा नहीं है। सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर के रेलवे ट्रैक से शुरू होकर ये आंदोलन पांच जिलों तक पहुंच गया है। इस बार के गुर्जर आंदोलन में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के साथ साथ उनके बेटे विजय बैंसला भी इस आंदोलन में मुखर होकर गुर्जर समाज के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। विजय ने सरकार की ओर से वार्ता के लिए गए विश्वेन्द्र सिंह के सवालों पर आक्रमक होकर जवाब देते हुए गुर्जर समाज का प्रतिनिधित्व किया हैं।

आंदोलन के दौरान मीडिया से बातचीत में विजय बैंसला ने सूबे के डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि, पायलट साहब ने जोधपुर में कहा था कि अगर समाज का साथ मिला तो वो अकेले ही कबड्डी खेल जाएंगें। समाज ने उनका पूरा साथ दिया और वे गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र टोंक से टिकट लेकर चुनाव जीत भी गए। लेकिन, अब इस आरक्षण आंदोलन को पांच दिन हो गए हैं। फिर वे इस पर कुछ भी बोलने की बजाए मुहं छिपाए क्यों बैठे हैं। आज समाज पटरियों पर कबड्डी खेल रहा है, तो हमें आप दिखाई नहीं दे रहे हैं, ना तो आप सुनाई दे रहे। कहां गए हैं सचिन पायलट?

करौली में उन्होंने कहा था मैं आरक्षण दूंगा। हिंडौन में भी इलेक्शन से पहले पायलट ने मंच से बोला था कि मैं 5प्रतिशत आरक्षण दिलवाकर रहूंगा, तो अब दिलवा क्यों नहीं देते? चुप क्यों बैठे हैं? इसके दो ही कारण हो सकते हैं या तो आरक्षण देने की मंशा नहीं है या फिर आपकी सरकार में चलती नहीं है। आरक्षण नहीं दिलवा सकते तो सब छोड़ें और गुर्जर भाइयों के साथ पटरियों पर आकर बैठें।

गौरतलब है कि रेलवे पटरियों के बाद हाईवें पर गुर्जरों का जमावड़ा लग गया है। रेलमार्ग ठप्प होने से दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है तो वहीं, दर्जनों ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है। एहतियात के तौर पर गुर्जर पड़व स्थल के आसपास इंटरनेट के सेवाओं को बंद कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से दौसा, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर और करौली में धारा 144 लागू है। सोमवार को हालात नहीं सुधरने पर टोंक में भी धारा 144लागू कर दी गई है। आंदोलन के चलते दौसा डिपो की 50 रोडवेज बसों के पहिए थमे हुए हैं। तो दौसा डिपो की 60 बसों में से केवल 10 बसों का ही संचालन हो रहा है।

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