जयपुर। राजस्थान की राजनीति में भूचाल लाने वाले गुर्जर आरक्षण के थमने के बाद अब प्रदेश में नये सियासी समीकरण बनने लगे हैं। बता दें कि गहलोत सरकार ने कर्नल किरोड़ी बैंसला की मांग के अनुसार गुर्जरों को पांच फीसदी आरक्षण प्रदान करने वाला विधेयक विधानसभा में पारित कर दिया है। जिसके बाद गुर्जर समाज ने रेल की पटरियां छोड़कर प्रदेश में शांति बहाली का ऐलान कर दिया है। लेकिन इस ऐलान के साथ ही राजस्थान में लोकसभा चुनावों के लिए नये समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि रविवार को कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान बैंसला ने आरक्षण देने के लिए सीएम गहलोत का आभार जताते हुए सैल्यूट भी किया। उनकी ये तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर आई तो चर्चा का विषय बन गई। इस तस्वीरों को देखते हुए राजनीतिक पंडितों ने दावा किया है कि बैंसला आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर तैयारी कर रहे हैं।

वसुंधरा को सैल्यूट कर पाया था लोकसभा का टिकट

बात 17 जून, 2008 की है, जब भाजपा सरकार ने गुर्जरों को आरक्षण देने पर मुहर लगाई थी। इस विधेयक में भी गुर्जरों को विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) के तहत 5 फीसदी आरक्षण देने का नियम ही बनाया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद कर्नल बैंसला अपने सहयोगियों के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान बैंसला ने वसुंधरा को धन्यवाद कहते हुए सैल्यूट किया था। इस घटनाक्रम के कुछ समय बाद ही भाजपा आलाकमान ने 2009 के लोकसभा चुनावों में बैंसला को टोंक सवाईमाधोपुर से दे दिया। हालांकि बैंसला को इन चुनावों में हार का मुहं देखना पड़ा था। बताया जा रहा है कि बैंसला इन चुनावों में एक बार फिर से राजनीति के मैदान में अपना भाग्य आजमा सकते हैं।

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