प्रदेश के पहले दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रोजेक्ट रिपोर्ट

राजस्थान में आगामी शिक्षा सत्र से शुरू होने जा रहे प्रथम दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट विशेषज्ञ तैयार करेंगे। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने विशेष योग्यजन निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में दिव्यांग विश्वविद्यालय स्थापना के लिए राजस्थान तथा राज्य के बाहर के विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट एवं अधिनियम के प्रारूप को अंतिम रूप देने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मंत्री डॉ. चतुर्वेदी ने गुरूवार को शासन सचिवालय में विशेष योग्यजन निदेशालय के अधिकारियों से विभाग द्वारा दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना के संबध में तैयार की गयी प्रोजेक्ट रिर्पोट एवं प्रारूप अधिनियम पर विस्तार से चर्चा करते हुए यह निर्देश दिए हैं।

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File-Image: राजस्थान के पहले दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रोजेक्ट रिपोर्ट.

विशेष योग्यजनों के शैक्षणिक पुर्नवास में विशेष शिक्षकों की कमी दूर होगी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि दिव्यांग विश्वविद्यालय की प्रदेश में स्थापना होने से विशेष योग्यजनों के शैक्षणिक पुर्नवास में विशेष शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही निःशक्तजन की सभी श्रेणियों के लिए विशेष शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे तथा विशेष योग्यजनों को स्वावलम्बी बनाने के लिए उनकी योग्यता, क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण पाठयक्रम मॉडयूल तैयार करने एवं उनको प्रशिक्षित करने में मदद मिलेगी।

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बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की शासन सचिव शुचि शर्मा ने दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना के संबध में तैयार की गयी प्रोजेक्ट रिर्पोट एवं प्रारूप अधिनियम की जानकारी दी। इस बैठक में विशेष योग्यजन विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कई अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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