चुनाव 2018: प्रतापगढ़-चित्तौड़गढ़ और एमपी के 11 जिलों की सीमा पर लगाए जाएंगे 100 चेक पोस्ट

दिसंबर माह के पहले सप्ताह के अंत में राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दोनों राज्यों की डीजीपी स्तर की संयुक्त अंतरराज्यीय समन्वय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों राज्यों के कुल 11 जिलों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि चुनाव के समय दोनों राज्यों के प्रतापगढ़, चित्तौडगढ समेत 11 जिलों की सीमा में 100 चेक पोस्ट लगाए जाएंगे। इन चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे जिससे हर पल की निगरानी रखी जा सके। दोनों राज्य एक दूसरे को अपराधियों के बारे में त्वरित सूचनाओं का आदान-प्रदान भी करेंगे।

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Image: राजस्थान डीजीपी ओपी गल्होत्रा.

बैठक में राजस्थान और एमपी के डीजीपी भी रहे मौजूद

प्रदेश के चित्तौड़गढ़ में मंगलवार सुबह दोनों राज्यों के आला पुलिस अधिकारियों की बैठक शुरू हुई। राजस्थान के डीजीपी ओपी गल्होत्रा के साथ ही मध्य प्रदेश के डीजीपी विजय कुमार सिंह बैठक में मौजूद रहे। इनके अलावा बैठक में विशिष्ट महानिदेशक पुलिस कानून व्यवस्था एनआरके रेड्डी, एडीजी एटीएस एंड एसओजी उमेश मिश्रा, उदयपुर आईजी विशाल बंसल, उप नारकोटिक्स आयुक्त नीमच प्रमोदसिंह के अलावा चित्तौडगढ एसपी मनोजकुमार, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह, प्रतापगढ़ एसपी शिवराज मीना, बांसवाड़ा एसपी कालूराम रावत और भीलवाड़ा के एएसपी दिलीप सैनी ने भाग लिया। वहीं एमपी से महानिरीक्षक राकेश गुप्ता उज्जैन, मकरंद देउसकर महानिरीक्षक पुलिस इंटेलीजेंस, रतलाम रेंज आईजी जितेंद्र कुशवाह के अलावा नीमच एसपी तुषारकांत त्रिपाठी तथा मंदसौर एसपी मनोज कुमार मौजूद रहे। एसओजी के एएसपी उदयपुर सिद्धांत शर्मा के साथ ही चित्तौड़गढ़ के एएसपी विपिन शर्मा और नारकोटिक्स विभाग से एसके पाठक भी मौजूद थे।

सीमावर्ती इलाकों को पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से किया प्रदर्शित

संयुक्त अंतरराज्यीय स्तर की इस बैठक में सीमावर्ती इलाकों को पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। आईजी उदयपुर बंसल ने प्रतापगढ़ और सीमावर्ती जिले चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा का प्रजेंटेशन किया। इसके अलावा मध्य प्रदेश राज्य में सीमावर्ती जिलों में रहने वाले वांछित अपराधियों की धरपकड़ की कार्य योजना तैयार की। दोनों राज्य के वांछित अपराधियों की सूचियों का भी एक-दूसरे को आदान-प्रदान किया गया। चुनाव के मद्देनजर सीमाओं पर दोनों राज्यों द्वारा चिह्नित नाकाबंदी स्थलों पर नियमित रूप से नाकाबंदी करने, व्हाट्सअप ग्रुप पर भी तुरंत सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए चर्चा की गई।

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दोनों राज्यों की पुलिस का अवैध हथियारों की तस्करी रोकने पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस एंड एसओजी जयपुर उमेश मिश्रा ने अवैध रूप से हथियार की खरीद फरोख्त संबंधी सूचनाओं एवं एसटीएस एंड एसओजी की ओर से वर्ष 2014 से 2018 तक अवैध हथियार संबंधी की गई कार्रवाई के बारे में बताया। विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण कराते हुए अपराध संबंधी जानकारी साझा करने के लिए सीमावर्ती थानाधिकारियों/ डीएसपी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पूर्ण सहयोग करने एवं निरंतर हर प्रकार से समन्वय कर सूचना का आदान प्रदान करने, अवैध शराब तस्करी, भंडारण, मादक पदार्थ तस्करी, अवैध हथियार तस्करी में सूचना का संकलन कर कार्रवाई करना तथा बॉर्डर पर निरंतर वाहन चैकिंग करना इत्यादि की कार्य योजना पर बैठक में विचार-विमर्श किया गया।

 

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