news of rajasthan
ईद-उल-फितर

ईद-उल-फितर इस बात का ऐलान है कि अल्लाह की तरफ से जो पाबंदियां रमजान महीने में लगाई गई थीं, वह अब खत्म की जाती है।

news of rajasthan
ईद-उल-फितर

ईद-उल-फितर यानि रमजान के महीने का आखिरी दिन। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अपने 30 दिनों के रोजे चांद देखकर खोलते हैं। इस साल ईद-उल-फितर 14-15 जून को मनाई जाएगी। यानि 14 जून की शाम से 15 जून की शाम तक यह त्यौहार सेलिब्रेट होगा। अगर 14 जून की शाम चांद नहीं दिखता तो ईद 15 जून को मनाई जाएगी। सामान्य भाषा में इस पर्व को मीठी ईद के तौर पर जाना जाता है। सही मायनों में तो यह पवित्र दिन मन्नतें पूरी होने का दिन है। फिर चाहे वह रोजों की शक्ल में हो या फिर इफ्तार की शक्ल में। इस दिन के बाद मुस्लिम भाईयों का सामान्य दिनों की तरह दिन में खाना-पीना शुरू हो जाता है। इस पवित्र दिवस के मनाए जाने का एक खास मकसद है। वह मकसद है रमजान में जरूरी की गई रुकावटों को खत्म करने का ऐलान।

रमजान का महीना जो एक तरह से परीक्षा का महीना है जो वह अल्लाह के नेक बंदों ने पूरी अकीदत, ईमानदारी व लगन से अल्लाह के हुक्मों पर चलने में गुजारा। इस कड़ी आजमाइश के बाद का तोहफा ईद है।

इस दिन अल्लाह की रहमत पूरे जोश पर होती है तथा अपना हुक्म पूरा करने वाले बंदों को रहमतों की बारिश से भिगो देती है। अल्लाह पाक रमजान की इबादतों के बदले अपने नेक बंदों को बख्शे जाने का ऐलान फरमा देते हैं। ईद से पहले यानी रमजान में जकात अदा करने की परंपरा है। यह जकात भी गरीबों, बेवाओं व यतीमों को दी जाती है। इस सबके पीछे सोच यही है कि यह छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सबकी ईद है। ईद के दिन कोई खाली हाथ न रहे, क्योंकि यह खुशी का दिन है।

read more: आज हो सकता है प्रदेशाध्यक्ष का फैसला, दिल्ली में बड़े नेताओं की मिटिंग, राजे भी शामिल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here