नगरोटा में शहीद हुआ धोलपुर का बेटा, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जताई संवेदना

पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ के पद संभालते ही जम्मू के नगरोटा में सीमा पार से आए आतंकियों के आर्मी पोस्ट पर हुए हमले में राजस्थान का भी एक सपूत शहीद हुआ हैं। गौरतलब है कि  राजस्थान के धौलपुर के राघवेंद्र सिंह परमार के साथ सेना के 7 जवान भी इस हमले में शहीद हुए हैं। आतंकियों के हमले के बाद 13 घंटे चली मुठभेड़ में 3 आतंकियों को मार गिराया गया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नगरोटा आतंकी हमले में शहीद जवानों की शहादत पर संवेदनाए प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि देश की रक्षा के लिए राघवेंद्र के बलिदान को याद किया जाएगा।

राघवेंद्र की शहादत की खबर के बाद से उनके घर, परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। मंगलवार सुबह राघवेंद्र की कंपनी कमांडर ने जब परिवार को सूचना दी कि उनका बेटा कश्मीर के नगरोटा में सेना के कैंप पर आतकीं हमले में शहीद हो गया है तो घर में सन्नाटा पसर गया।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रकट की संवेदनाएं

नगरोटा आतंकी हमले में देश की रक्षा के लिए शहीद हुए सात जवानों की शहादत की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शहीदों की शहादत पर संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री राजे ने कहा की सभी देश के जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी हैं। देश के लिए इन वीरों की कुर्बानी को हमेशा याद किया जाएगा।  तीन ग्रेनेडियर के रणबांकुरे राघवेंद्र सिंह परमार ने संपूर्ण वीरता के इस आतंकी हमले का मुकाबला किया। हमले में उसका एक साथी एवं एक अधिकारी देश के लिए शहीद हो गए।

गांव के एक भी घर में नही जला चुल्हा

राघवेंद्र की शहादत की सूचना गांव में 10 बजे पहुंचने के बाद से ही गमगीन माहौल है। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। युवाओं में घटना के प्रति आक्रोश हैं। राघवेंद्र के सबसे बड़े भाई बृजेश गांव में किसान हैं और उनसे मझला भाई प्रवेंद्र भी सेना की 43 राष्ट्रीय रायफल्स  में तैनात है।  वह भी 3 दिन पूर्व ही छुट्टी पर आया है। नरेश भाई की शहादत के बाद इतना गुस्से में है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से बदला लेने की कसम खाता है। उसकी आंखों में आंसू के साथ बदले की चमक हिलोरे ले रही है ।

राघवेंद्र से साथ सात जवान हुए शहीद

आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए दो अधिकारियों में महाराष्ट्र के सोलापुर जिला निवासी मेजर गोसावी कुणाल मन्नादीर (33) और कर्नाटक के बेंगलुरू निवासी मेजर अक्षय गिरीश कुमार (31) शामिल हैं। मुठभेड़ में शहीद अन्य सैनिकों में पंजाब के गुरदासपुर निवासी हवलदार सुखराज सिंह, महाराष्ट्र के नांदेड निवासी लांस नायक कदम संभाजी यशवंतराव (32), राजस्थान के धौलपुर निवासी ग्रेनेडियर राघवेंद्र सिंह (28) और नेपाल के खोतांग निवासी राइफलमैन असीम राय (32) शामिल हैं। सेना ने सातवें सैनिक की जानकारी यह कहते हुए नहीं दी कि अभी उनके परिवार को सूचित करना बाकी है। मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं ।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.