कांग्रेस की अदूरदर्शी नीतियों को देश ने 55 साल तक झेला, अब राजनीति के लिए किसानों का कर रहे इस्तेमाल: मंत्री शेखावत

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान में किसान धन्यवाद सभा को संबोधित किया। दरअसल, किसान धन्यवाद सभा के नाम पर राहुल गांधी ने प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव का आगाज कर दिया है। कर्जमाफी के नाम पर विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली जीत के बाद राहुल आगामी लोकसभा चुनाव में भी किसानों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इधर, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। शेखावत ने कहा कि देश के किसान की दुर्दशा के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। इन लोगों की अदूरदर्शी नीतियों के कारण लगातार 55 साल देश और 48 साल प्रदेश में परेशानी हुई। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदेश स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

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Image: केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत.

ठगा महसूस कर रहा है प्रदेश का किसान, समय पर इसका जवाब देगा

केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस किसानों के लिए कुछ नहीं कर पाई, जिसकी बदौलत आज देश का किसान कमजोर हो गया है। समय पर कांग्रेस किसानों के हित में काम करती तो आज किसानों की यह हालात नहीं होती। शासन करते कांग्रेस की जिम्मेदारी किसान को बढ़ाने की थी, लेकिन वे इसमें विफल हुए और अब फिर किसानों के नाम पर राजनीति कर लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस ने किसानों को सब्जबाग दिखाकर कर्जमाफी के नाम पर सत्ता हथियाने का काम किया है। इस कर्जमाफी को लेकर उसकी कोई नीति और नियति अभी तक स्पष्ट नहीं है। प्रदेश का किसान अब ठगा हुआ महसूस कर रहा है। किसान समय पर इसका जवाब देगा।

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सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण समय की मांग

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री शेखावत ने कहा कि सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण समय की मांग थी। उन्होंने कहा कि देश में कई जगह पर ऐसे समाज हैं, जो आरक्षण से वंचित रह गए थे। राजस्थान में गुर्जर, राजपूत, कायस्थ, वैश्य, ब्राह्मण, हरियाणा में जाट, और आंध्र प्रदेश में कापू सहित ऐसे अनेक जाति बिरादरी के लोग हैं, जो समय चक्र के कारण से पीछे रह गए। देश में ऐसे वंचिताें को आरक्षण की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान संशोधन करने का निर्णय किया है। बता दें, सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के लिए संविधान में 124वां संशोधन करने को पीएम ने ऐतिहासिक बताया है।

 

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