मुख्यमंत्री राजे भरतपुर और धौलपुर पहुंची, मृतकों के परिजनों को दी सांत्वना

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि 2 मई को प्रदेश में आए आंधी-तूफान की विभीषिका के पीड़ितों के साथ राज्य सरकार और पूरा प्रदेश खड़ा है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोग अकेले नहीं हैं और सरकार उनकी हरसंभव सहायता करेगी। मुख्यमंत्री राजे ने शुक्रवार को भरतपुर जिले की जनूथर गांव जाकर तूफान में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सांत्वना दी। यहां से वे धौलपुर जिले की बसेड़ी ग्राम पंचायत के लेबडे का पुरा गांव पहुंचीं तथा तूफान के कारण हुए अग्निकांड के पीड़ित परिवारो से मुलाकात की।

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Image: मुख्यमंत्री राजे भरतपुर और धौलपुर पहुंची, मृतकों के परिजनों को दी सांत्वना.

प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी पर सूचना और बचाव के उपाय की जानकारी दी जाए

मुख्यमंत्री राजे ने इस दौरान निर्देश दिए कि प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी (रेड अलर्ट) मिलने पर तत्काल आमजन को इसकी सूचना और बचाव के उपाय के संबंध में व्यापक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दल के सदस्यों को भी ऐसे अलर्ट की जानकारी जल्द से जल्द देकर उन्हें प्रभावितों की मदद के लिए रवाना किया जाए, ताकि जान-माल की हानि को रोका जा सके। सीएम राजे ने तूफान में जान गंवाने वाले जनूथर के संजय कोली, चन्द्रवीर जाट एवं तेजवीर जाट के निवास पर पहुंचकर दिवंगतों के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इससे पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता के लिए 4-4 लाख रूपये की राशि के चेक सौंपे।

पीड़ितों को सीएम देंगी 5 लाख रुपये की व्यक्तिगत मदद

मुख्यमंत्री राजे ने धौलपुर के लेबडे का पुरा गांव में भीषण गर्मी में पैदल चलकर पूरे गांव का दौरा किया और अग्निकांड में जले मकानों के नुकसान का जायजा लिया। गांव में हुई तबाही को देखकर मुख्यमंत्री स्वयं भावुक हो गईं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सरकार आपकी हरसंभव मदद करेगी। राजे ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हो। आप लोगों को कोई कष्ट होता है, तो उसका दर्द सीधे मुझे महसूस होता है। सीएम राजे ने व्यक्तिगत रूप से 5 लाख रूपए पीड़ितों को देने की घोषणा की।

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अग्निकांड में जान गंवाने वाले केदारसिंह की 2 पुत्रियों पुष्पा और पिंकी की 11 मई को शादी है। मुख्यमंत्री को जब पता चला कि शादी के लिए खरीदे गए उपहार और सामान अग्निकांड में जल गए हैं, तो उन्होंने शुभ शक्ति योजना में दोनों बेटियों को 55-55 हजार रूपए की सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री राजे के आह्वान पर स्थानीय भामाशाहों ने पीड़ित परिवारों को नकद सहायता राशि सहित अन्य मदद देने की घोषणा की। सीएम ने लेबडे का पुरा में 29 पीड़ित परिवारों को आपदा राहत कोष से सहायता राशि के स्वीकृति आदेश दिए तथा जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि आपदा राहत और पुनर्वास कार्यों की वह स्वयं निगरानी करें।

 

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