कैबिनट बैठक: सरकारी भर्ती और पदोन्नती को लेकर हुए ये बड़े फैसले, कई भर्तियों का रास्ता हुआ साफ

 

राजस्थान सरकार की ओर से मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में नई भर्ती और पदोन्नती को लेकर कई अहम फैसले किए गए। कैबिनेट की बैठ के बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौर ने बैठक से संबंधित महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। राठौर ने बताया कि कई भर्तियों को लेकर कैबिनेट में अहम फैसले लिए हैं जिनमे विधवा कोटे में पहले टंकण में छूट दी जाती थी वही अब कंप्युटर शिक्षा की अनिवार्यता में राहत दी गई हैं।

कैबिनेट में रखे गए 13 विभागों के 24 एजेंडे

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में मंगलवार को सीएमओ में कैबिनेट की बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में 13 विभागों के 24 एजेंडे रखे गए हैं। छोटे-छोटे सेवा नियमों के ज्यादातर एंजेडों को लेकर मंथन किया गया और कई अहम फैसले लिए गए हैं।

कैबिनेट में लिए गए ये फैसले

सांख्यिकी विभाग में 650 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ

संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने राजस्थान सांख्यिकी अधीनस्थ सेवा नियम 1971 में संशोधन कर सहायक सांख्यिकी अधिकारी के 50 प्रतिशत पदों पर होने वाली सीधी भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से कराने तथा संगणक के पदों पर भर्ती राजस्थान अधीनस्थ मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है।

अनुकम्पात्मक नियुक्ति के कर्मचारियों को राहत

बैठक में राजस्थान मृत सरकारी कर्मचारी के आश्रित को अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम, 1996 के नियम 9 में संशोधन का निर्णय लिया गया है। इसके तहत मृतक आश्रित कर्मचारी के नियुक्ति के बाद कम्प्यूटर योग्यता उत्तीर्ण करने की अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर परिवीक्षाकाल (2 वर्ष) तक किया गया है।

 गैर हौम्योपैथिक चिकित्सकों पर बढ़ाया जुर्माना

हौम्योपैथिक चिकित्सक जिनका नाम हौम्योपैथिक केंद्रीय परिषद में रजिस्टर्ड है वो राजस्थान में भी प्रेक्टिस कर सकेगा। इसके साथ ही गैर पंजिकृत हौम्योपैथिक चिकित्सक पर जुर्माना बढ़ाया गया। पहले गैर पंजीकृत हौम्योपैथिक चिकित्सक पर  100 रुपए का जुर्माना था लेकिन अब यह 10 हजार कर दिया गया है और 2 साल की मियाद का भी प्रावधान किया हैं। राजस्थान आयुर्वेदिक, हौम्योपैथिक, यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा सेवा अधिनियम में भी संशोधन किया गया हैं।

प्रदेश की प्रथम सड़क सुरक्षा नीति का अनुमोदन

सड़क सुरक्षा नीति नीति के तहत वर्ष 2015 को आधार मानते हुए सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में वर्ष 2020 तक 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। नीति में सड़क सुरक्षा के लिए संस्थानिक, वैधानिक एवं वित्तीय उपायों का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए संरचनात्मक ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य में पृथक से एक नियमित एवं समर्पित सड़क सुरक्षा फंड बनाया जाएगा। यातायात एवं उल्लंघनों से प्राप्त जुर्माने की 25 प्रतिशत राशि इस फंड में जाएगी।

चुंगीकर्मियों को भी राहत, कारागार सेवा नियमों में भी बदलाव

इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में  300 चुंगीकर्मियों को भी राहत देने का फैसला लिया गया हैं। CRPC में भी संशोधन का अनुमोदन करते हुए राष्ट्रपति के पास बिल भेजा जाएगा। कैबिनेट की बैठक में राजस्थान कारागार सेवा नियमों में भी बदलाव किया गया हैं।

25 पीएचसी होगी क्रमोन्नत, 50 पीएचसी नई खुलेंगी

राठौड़ ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के अंतिम 6 माह के निर्णयों की समीक्षा के लिए गठित मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की सिफारिशों के अनुरूप प्रदेश में 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्रमोन्नत करने तथा 50 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के निर्णय यथावत रखने का फैसला किया गया है।

कर सहायक का पदोन्नति कोटा बढ़ाया

राजस्थान वाणिज्य कर अधीनस्थ सेवा (सामान्य शाखा) नियम, 1975 में संशोधन के माध्यम से कर सहायक की कनिष्ठ वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव 7 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने तथा पदोन्नति कोटा 12.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 37.5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।

आबकारी विभाग में बढेंगे पदोन्नति के अवसर

आबकारी विभाग में प्रथम नियुक्ति पद सहायक आबकारी अधिकारी सामान्य शाखा एवं सहायक आबकारी अधिकारी निवारक शाखा के कुल पदों में से कुल 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने के लिए नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।

 विधानसभा संदर्भ सहायक की योग्यता में बदलाव

संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1992 में संशोधन कर संदर्भ सहायक के पद पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। अब संदर्भ सहायक के पद के लिए भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातकोत्तर अथवा विधि स्नातक इस पद पर आवेदन के लिए पात्र होंगे।

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