”राजस्थान सरकार की मंत्रिमंडलीय बैठक: हुए जनकल्याणकारी फैंसले”

गुरुवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में  राजस्थान की कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में सरकार के मंत्रिमंडल ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर कई लंबित प्रस्तावों को पारित किया। कैबिनेट में सभी मंत्रियों ने अलग-अलग क्षेत्र से सम्बंधित विषयों को उठाया और उन पर विचार-विमर्श कर निवारण किया गया।

कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:

(1) इसके तहत राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के जीर्णोद्धार के लिए 3,291 करोड़ रुपये का लोन लेने का निर्णय किया गया। इसके लिए राजस्थान जल क्षेत्र पुनः संरचना परियोजना-रेगिस्तान क्षेत्र के तहत 3 हजार 291 करोड़ रुपये का ऋण न्यू डवलपमेंट बैंक से लेने को स्वीकृति दी गई है। इस ऋण से इन्दिरा गांधी परियोजना की मुख्य नहर तथा फीडर नेटवर्क की रिलाइनिंग एवं मरम्मत का कार्य किया जायेगा। तथा नहर के आस-पास की 7 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई योग्य बनाया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण एवं परिवहन मंत्री श्री यूनुस खान ने कहा कि श्रीगंगानगर की जीवनवाहिनी इंदिरागांधी नहर के लिए इसी वर्ष अक्टूबर माह तक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली जायेगी तथा इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया जाएगा।

(2) राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया कि अब पंचायती राज विभाग में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों का माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्थानान्तरण नियुक्ति के 3 साल बाद हो सकेगा। पहले यह सीमा 5 वर्ष थी। जिसके तहत तृतीय क्षेणी के शिक्षकों को 5 साल पंचायती क्षेत्र में सेवा देनी होती थी। इससे सरकार शिक्षा विभाग में रिक्त हुए तृतीय श्रेणी के करीब 42239 पदों को भरेगी। मंत्रिमंडल के इस निर्णय से शिक्षा विभाग में चल रहीं शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

(3) मंत्रिमंडल के एक निर्णय में दो से अधिक संतान वाले राज्यकर्मियों को प्रमोशन पर राहत देने का निर्णय किया गया हैं। इसके पूर्व सेवा नियमों के प्रावधानानुसार यदि 1 जून 2002 के पूर्व सरकारी सेवा में आ चुके कर्मचारी इस तिथि के बाद दो से अधिक संतान पैदा करते है, तो उनके ड्यू प्रमोशन की तारीख से 5 साल तक प्रमोशन नहीं दिया जाता था। मगर अब सरकार ने ऐसे राज्यकर्मियों को प्रमोशन में छूट दी है। अब इस अवधि को 3 वर्ष कर दिया गया है। अब राज्यकर्मियों को प्रमोशन प्राप्ति के लिए ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।

(4) राज्य सरकार की मंत्रिमंडलीय बैठक में कई वर्षों से लंबित राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम-1966 के नियम 77 में संशोधन की स्वीकृति दी गईँ। नवीन संशोधन के अनुसार अनुकम्पात्मक नियुक्ति प्राप्त करने वाले पारिवारिक पेंशनरों को प्रोबेशन अवधि समाप्त होने के पश्चात मूल वेतन पर महंगाई भत्ता अथवा पारिवारिक पेंशन पर महंगाई राहत के विकल्पों में से लाभप्रद विकल्प चुनने का अवसर मिल सकेगा। इस फैंसले से सरकार ने अनुकम्पा कार्मिकों के परिवारजनों को फायदा पहुँचाने का प्रयास किया है।

साथ ही साथ मंत्रिमंडलीय बैठक में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जल स्वावलम्बन अभियान के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जल क्षेत्र में राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने हेतु चल रहे इस अभियान की कड़ी मॉनीटिरिंग के लिए आदेश दिए।

इस तरह से एक सफल मंत्रिमंडलीय बैठक में राज्य सरकार ने विभिन्न विषयों पर विवेकी निर्णय कर प्रदेश के जन-जन को अधिकतम लाभ पहुँचाने की कोशिश की है। तथा समाज के हर तबके को ध्यान में रखकर अपनी सरकार की योजनाओं का सुचारु ढंग से क्रियान्वयन करने का भरोसा दिलाया है।

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