औद्योगिक विकास की रफ्तार में सबसे अग्रणी जिला है भीलवाड़ा

राजस्थान का भीलवाड़ा औद्योगिक विकास और विस्तार की दृष्टि से अग्रणी जिलों में से एक है। भीलवाड़ा को राजस्थान का मेनचेस्टर और वस्त्र नगरी भी कहा जाता है। वस्त्र उद्योग के लिए भीलवाड़ा न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी काफी प्रसिद्ध है। जिले में बहुआयामी उद्योगों के लिए समन्वयपूर्ण माहौल जिसकी वजह से आज भीलवाड़ा में अन्य शहरों के मुकाबले औद्योगिक विकास तेज गति से हुआ है। हाल के वर्षों में प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा यहां विकास कार्यों को गति देने और उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना ने भीलवाड़ा की कायापलट कर दी है। राजे सरकार के प्रयासों से भीलवाड़ा ने औद्योगिक क्षेत्र में खुद को देशभर में अग्रणी औद्योगिक जिलों की लिस्ट में शामिल कराया है। भीलवाड़ा जिले के औद्योगिक विकास में विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं, उद्यमियों, प्रतिष्ठानों, कंपनियों और उद्योगपतियों तथा उद्योगों से जुड़े हुए लोगों का साथ रहा है। इनके प्रयासों और सहभागिता ने औद्योगिक विकास की गति को नई रफ्तार दी है।

Bhilwara - Industry File Photo

                                                            औद्योगिक विकास की रफ्तार में सबसे अग्रणी जिला है भीलवाड़ा.

वसुंधरा राजे सरकार में अब तक यह हुआ भीलवाड़ा में औद्योगिक विकास

वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली वर्तमान राज्य सरकार के अब तक के चार वर्ष के कार्यकाल में जिला उद्योग केन्द्र द्वारा विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में कई उपलब्धियां हासिल की गई हैं। भीलवाड़ा जिले में 11 हजार 637 नए उद्योगों का पंजीयन कर आधार जारी किए गए हैं। महात्मा गांधी बुनकर योजना में 652, स्वास्थ्य बीमा योजना में 207, मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना में 383, भामाशाह रोजगार सृजन योजना में 745, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 157 को लाभान्वित किया गया है। वर्तमान सरकार में कुल 1 हजार 969 को आर्टिजन/ शिल्पकारों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं।

गृह उद्योग योजना में 292 महिलाओं तथा उद्यमिता विकास प्रशिक्षण में 215 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। एकीकृत कौशल विकास योजना में 6020 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। अब तक कुल 45 औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर तथा 6 महिला औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर आयोजित किए गए है। भीलवाड़ा जिले में अतिरिक्त रोजगार सृजन का आंकड़ा 60 हजार 263 रहा है। पूरे भीलवाड़ा जिले में 154 बाट व माप अभियोग बनाए गए और 113.30 लाख बाट व माप राजस्व अर्जित किया गया है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 के तहत स्टॉप ड्यूटी/कन्वर्जन चार्ज के 161 तथा विद्युत कर व ब्याज अनुदान के 52 प्रकरणों में पात्रता प्रमाण पत्र जारी किए गए।

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वर्तमान सरकार में 18 इकाइयों द्वारा एमओयू किए गए है निष्पादित: वसुंधरा राजे सरकार के रिसर्जेंट राजस्थान-2015 के अंतर्गत भीलवाड़ा जिले के लिए कुल 18 इकाइयों द्वारा एमओयू निष्पादित किए गए हैं। इनमें से भीलवाड़ा की 16 तथा चित्तौड़गढ़ की 2 इकाइयां शामिल हैं। इनमें से 12 इकाइयां उत्पादनरत हैं, जिनमें से भीलवाड़ा जिले में 11 इकाइयां उत्पादनरत है। इन 12 इकाइयों में भीलवाड़ा जिले की मैसर्स नितिन स्पीनर्स लिमिटेड की दो इकाइयां, मैसर्स इमिनिएंट डीलर्स, मैसर्स संगम इण्डिया लिमिटेड दो इकाइयां (आटूण व बिलियाकलां), मैसर्स सुपर गोल्ड सूटिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स कंचन इण्डिया लिमिटेड, मैसर्स सुदिवा स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स आरएसडब्ल्यूएम और मैसर्स एम.आर. विविंग शामिल हैं। ये सभी इकाइयां वर्तमान में उत्पादनरत हैं, जबकि भीलवाड़ा में मैसर्स स्वागत सिंथेटिक्स में सितम्बर, 2017 से ट्रायल प्रोडक्शन का कार्य चल रहा है। वर्तमान वसुंधरा राजे सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में भीलवाड़ा जिले में औद्योगिक विकास को संबल देने के लिए उद्योगों से संबंधित बुनियादी विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है और अब इसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

 

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