जानिए…महिला सुरक्षा व आरक्षण बिल पर अशोक गहलोत के दावों की हकीकत

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हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि वो 18 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण बिल को पारित कराएं, जिसका कांग्रेस भी समर्थन करेगी। इस मामले पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने भी राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

आइए जानते हैं कि सरकार पर निशाना साध रहे अशोक गहलोत का दावा कितना सच और कितना झूठ है-

दावा- देश में लगातार बढ़ रहे महिलाओं व बच्चियों के साथ अत्याचार को रोकने में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

हकीकत- मोदी सरकार महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। सरकार ने महिला सुरक्षा से जुड़े कई कानूनों को सख्त करने का काम किया है। मासूमों पर होने वाले जघन्य अपराध से जुड़े पॉक्सो एक्ट में बदलाव कर बच्चियों से रेप के दोषियों के लिए फांसी तक की सजा का प्रावधान किया है। वहीं बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, महिला ई हाट, उज्ज्वला योजना, पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान सहित अनेक योजनाएं व तीन तलाक की कुप्रथा को समाप्त करने जैसे अहम व ठोस फैसले महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

निष्कर्ष- कांग्रेस ने बाहरी तौर पर महिला आरक्षण बिल का समर्थन तो किया है लेकिन वास्तव में कांग्रेस के कई सहयोगी दल ही इस बिल के विरोध में लामबंद नजर आ रहे हैं। वहीं महिला सुरक्षा को लेकर केन्द्र सरकार पर अशोक गहलोत की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार व असत्य है। गहलोत का दावा 85 प्रतिशत तक झूठा है।
सच्चाई- 15 % झूठ – 85%

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