उच्च शिक्षा मंत्री ने सदन में खोला घोषणाओं का पिटारा

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उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी

उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने विधानसभा में बेरोजगारों और सरकारी कॉलेजों के लिए काफी सारी घोषणाएं की हैं। इनमें संस्कृत शिक्षा विभाग में 2 हजार से ज्यादा भर्तियां, आगामी वर्ष में 8 हजार भर्तियां और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में राजस्थान के मूल निवासियों के लए 25 प्रतिशत सीट आरक्षित करने सहित काफी सारे फैसले शामिल हैं। साथ ही रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालयों में फोरेन लैंग्वेज प्रोग्राम जारी किया जाएगा जिसमें 12 विदेशी भाषाओं का ज्ञान दिया जाएगा। शुरूआत राजकीय कन्या महाविद्यालय उदयपुर, राजकीय महाविद्यालय अजमेर, राजकीय महाविद्यालय जयपुर एवं महारानी कॉलेज जयपुर से होगी।

इनके अलावा भी काफी सारी घोषणाएं किरण माहेश्वरी के पिटारे से निकली हैं। जानते हैं इनके बारे में ….

किरण माहेश्वरी द्वारा सदन में की गई घोषणाएं –

  • आईआईआईटी कोटा सत्र 2013-14 से अस्थायी कैम्पस एमएनआईटी, जयपुर में संचालित हो रहा है। इसका प्रथम बैच पास आउट हो गया है। राज्य सरकार द्वारा 100 एकड़ भूमि का निःशुल्क आवंटन करने के बाद चार दिवारी का निर्माण पूरा हो गया है।
  • आईआईआईटी कोटा को शीघ्र ही भवन निर्माण प्रारम्भ करवाया जाएगा और हमारी मंशा है कि यह संस्थान कोटा में ही संचालित हो। इस निमित्त आईआईआईटी कोटा को आरटीयू के पेट्रोलियम इंजिनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन में स्थानान्तरित करने के लिए कार्यवाही की जाएगी।
  • यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों के लिए 7वें वेतनमान की अधिसूचना विभाग को प्राप्त हो गयी है। इस पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
  • राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (पीटीआई) का पदनाम यूजीसी के अनुसार डायरेक्टर फिजिकल एजूकेशन किया जाएगा।
  • वर्तमान में सभी राजकीय महाविद्यालयों के 487 पीजी डिपार्टमेंट हैं। इनमें 18 हजार 43 छात्र अध्ययनरत हैं। इन पीजी डिपार्टमेंट्स में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। अब इनमें 18 हजार 43 के स्थान पर 27 हजार 93 सीट्स हो जाएंगी जो 9 हजार 50 ज्यादा हैं। इस वृद्धि से स्नातकोत्तर में 6 हजार 140, एमएससी में 1 हजार 30 और एम. कॉम में 1 हजार 880 छात्र लाभान्वित होंगे।
  • विश्वविद्यालय अपने क्षेत्र में विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध कार्य के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जुलाई, 2018 से प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र से अलवर, भरतपुर, सीकर व बांसवाड़ा विश्वविद्यालय में पांच-पांच पीजी विभाग में शैक्षणिक कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
  • निजी महाविद्यालयों की एनओसी के संबंध में आवेदन प्रक्रिया को सत्र 2017-18 से ऑनलाइन किया गया था। अब इस ऑनलाइन एनओसी आवेदन प्रक्रिया को उच्च शिक्षा के इंटीग्रेटेड पोर्टल पर विकसित किए जा रहे एफिलेशन मैनेजमेंट मॉड्यूल के साथ जोड़ा जाएगा। इससे महाविद्यालय का डेटा विश्वविद्यालय को उपलब्ध हो सकेगा जिससे प्रक्रिया त्वरित व आसान हो सकेगी।
  • राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में निजी महाविद्यालयों के लिए एंडोमेंट फंड में भिन्नता होने के कारण इन महाविद्यालय के संचालकों में असंतोष रहता है। इसे दूर करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों में एक समान एंडोमेंट फंड किए जाएंगे।
  • प्रदेश के राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में टीचिंग फैकल्टी के लिए यूजीसी के योग्यताएं विश्वविद्यालय द्वारा लागू की जाती है। लागू करते समय इस योग्यताओं में अलग-अलग विश्वविद्यालयों में कुछ अन्तर आ जाता है। इस कारण अभ्यर्थियों में असंतोष उत्पन्न होता है। अतः सभी विश्वविद्यालयों में यूजीसी के मापदण्डानुसार भर्ती के लिए एक समान नियम बनाए जाएंगे।
  • राजकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसर पद पर चयन एवं प्राचार्यों की डीपीसी की कार्यवाही आगामी शैक्षिक सत्र से पूर्व करवाई जाएगी।
  • शिक्षक दिवस से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाना प्रारम्भ किया जाएगा।
  • महिला सशक्तिकरण को बढावा देने के लिए राजकीय जे.डी.बी. कन्या महाविद्यालय, कोटा में महाविद्यालय के सभी पदों पर यानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर प्राचार्य के पद पर महिलाएं पदस्थापित की जाएंगी।
  • विभाग के 104 लैब असिस्टेन्ट एवं 32 एलडीसी के पदों पर आगामी 7 दिवस में पदस्थापन के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

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