4 साल के इंतजार के बाद प्रदेश में जैतून फसल के बेहतर परिणाम आए सामने

राजस्थान के जैतून उत्पादक किसानों के लिए यह साल चेहरों पर खुशी लाने वाला है। करीब 4 साल के इंतजार के बाद जैतून की फसल में फ्लॉवरिंग शुरू हो गई है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस साल प्रदेश में जैतून के तेल का भी उत्पादन हो सकेगा। प्रदेश में सरकारी फार्म पर साल 2008 से जैतून की खेती शुरू की गई थी। लेकिन सरकार द्वारा वर्ष 2014-15 से किसानों के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। किसानों के खेत पर जैतून की खेती शुरू करने के बाद पहली बार उसमें फ्लॉवरिंग हुई है।

news of rajasthan

File-Image: राजस्थान: 4 साल के इंतजार के बाद प्रदेश में जैतून फसल के बेहतर परिणाम आए सामने.

किसानों को फ्लॉवरिंग से जैतून में अच्छे फल लगने की उम्मीद

प्रदेश के किसानों को अब फ्लॉवरिंग से जैतून में अच्छे फल लगने की उम्मीद है। बता दें, राजस्थान में अभी बहुत छोटे स्तर पर जैतून की खेती की जा रही है। प्रदेश में केवल 800 हैक्टेयर क्षेत्र में जैतून की खेती हो रही है। उसमें से भी करीब 250 हैक्टेयर क्षेत्र में इसी साल जैतून की खेती की शुरुआत हुई है। राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इस बार भी सर्दी का ज्यादा जोर नहीं रहा है, लिहाजा केवल करीब 30 प्रतिशत जैतून की फसल में ही फ्लॉवरिंग हो पाई है।

Read More: बड़ी खुशख़बरी: 1 लाख 8 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती निकाली जाएगी जुलाई तक

इस साल राजस्थान में जैतून से निकाल सकेंगें तेल

राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड के निदेशक योगेश शर्मा ने बताया कि जैतून की खेती के परिणाम अब सामने आने लगे हैं। गंगानगर और बीकानेर के किसानों ने जैतून के बाग लगाए थे। उनका हाल ही में निरीक्षण किया गया है। उनमें काफी अच्छी फ्लॉवरिंग आई है। किसान अगर अगले दो माह तक सही रूप से देखभाल करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतर परिणाम सामने आएंगे। निदेशक शर्मा ने बताया कि इस साल राजस्थान में जैतून का तेल निकाल सकेंगें। साथ ही किसानों को भी अच्छा मुनाफा होगा। बता दें, इसके मुनाफे को देख प्रदेश में अगले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में किसान खेती करना शुरू कर देंगे।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.